
आजकल कंप्यूटर के साथ हम जो माउस इस्तेमाल करते हैं, वह एक आम और साधारण उपकरण बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहला कंप्यूटर माउस आज के माउस जैसा नहीं था? इसका इतिहास काफी दिलचस्प है, और इसमें कई तकनीकी पहलू छिपे हुए हैं जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस लेख में हम जानेंगे कि पहला कंप्यूटर माउस कैसे बनाया गया था, और यह बिल्कुल वैसे नहीं था जैसे हम आजकल देखते हैं।
पहला कंप्यूटर माउस: एक सरल लेकिन क्रांतिकारी डिजाइन
सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि पहला कंप्यूटर माउस डिजिटल नहीं, बल्कि एनालॉग था। इसका आविष्कार डगलस एंगलबर्ट ने 1960 के दशक में किया था। एंगलबर्ट, जो कि स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (SRI) में काम कर रहे थे, ने इसे विकसित किया था ताकि लोग कंप्यूटर को आसानी से ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) के जरिए कंट्रोल कर सकें।
उनका डिज़ाइन काफी साधारण था, लेकिन आज की तुलना में बहुत अलग था। इस माउस में एक लकड़ी का बॉक्स था, जिसमें एक बॉल और दो पहिए (wheels) लगे थे। इसे “X-Y Position Indicator for a Display System” कहा गया था। यह माउस कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर को दिशा देने के लिए काम करता था।
माउस का डिज़ाइन और कार्यप्रणाली
पहले माउस के डिज़ाइन की बात करें तो इसमें कोई बटन नहीं थे। यह केवल एक स्क्रॉलिंग सिस्टम के रूप में काम करता था। इस माउस में बॉल के दोनों ओर छोटे-छोटे पहिए लगे थे, जो जब माउस को घुमाया जाता था, तो वह पहिए एक्स और वाई अक्षों पर कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर की गति को नियंत्रित करते थे। इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक बहुत ही साधारण थी, लेकिन इसका प्रभाव कंप्यूटर इंटरफेस पर विशाल था।
पहला कंप्यूटर माउस और उसकी चुनौतियाँ
जब एंगलबर्ट ने पहला माउस बनाया, तो उस समय यह किसी के लिए भी कल्पना से बाहर था कि यह साधारण सा उपकरण एक दिन हर कंप्यूटर का हिस्सा बनेगा। पहले माउस की डिजाइन में बहुत सी चुनौतियाँ थीं, जैसे कि सही ट्रैकिंग, बटन का न होना, और उसका वजन। यह माउस उस समय के मॉनिटर से कनेक्ट होने में सक्षम नहीं था, और उसे साफ-सुथरे तरीके से इस्तेमाल करना भी एक चुनौती थी।
माउस का विकास और अब तक का सफर
जब माउस का विकास हुआ, तो धीरे-धीरे इसमें सुधार होते गए। 1970 के दशक में, माउस में बटन जोड़े गए, जिससे इसका उपयोग और भी सरल हो गया। पहला वाणिज्यिक कंप्यूटर माउस Xerox Alto (1973) पर था, जिसमें एंगलबर्ट की डिज़ाइन का एक उन्नत संस्करण था। इसके बाद, Apple और Microsoft जैसी कंपनियों ने माउस को और भी उन्नत किया।
आज के समय में, ऑप्टिकल माउस, लेजर माउस और वायरलेस माउस जैसी तकनीकें उपलब्ध हैं। ये माउस आज के हाई-रेजोल्यूशन डिस्प्ले के साथ कंप्यूटर सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए एक अत्याधुनिक टूल बन चुके हैं।
कंप्यूटर माउस का इतिहास केवल एक प्रारंभिक तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि यह उन इनोवेटिव विचारों का परिणाम था जो आज हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिखाई देते हैं। पहले के माउस की तुलना में आज का माउस बहुत अधिक विकसित, कुशल और स्मार्ट बन चुका है, लेकिन उसकी यात्रा ने यह साबित किया कि सरलता कभी भी तकनीकी प्रगति को बाधित नहीं करती।
तो अगली बार जब आप माउस के बारे में सोचें, तो यह याद रखें कि “पहला कंप्यूटर माउस” बिल्कुल वैसा नहीं था जैसा हम आज देखते हैं।